Puducherry Assembly Election 2026 : पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल 2026 को एक चरण में होंगे और यहां चुनावों की मतगणना 4 मई 2026 को होनी है। ऐसे में मन्नादिपेट विधानसभा क्षेत्र में सियासी सरगर्मियां भी तेज हो गई हैं। मन्नादिपेट (सीट नंबर 1, सामान्य) ग्रामीण क्षेत्र है। यह एक सामान्य सीट है और अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित नहीं है। लोगों का मानना है कि, मन्नादिपेट पर मुख्य मुकाबला BJP बनाम कांग्रेस के बीच है, जबकि TVK वोट काट सकती है।
मन्नादिपेट का जनसांख्यिकीय प्रोफाइल
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, 2021 के विधानसभा चुनावों के दौरान मन्नादिपेट निर्वाचन क्षेत्र में 28,853 मतदाता थे। इनमें से 13,263 पुरुष और 15,119 महिला मतदाता थे। तीसरे लिंग के 3 मतदाता थे। इस निर्वाचन क्षेत्र में 468 डाक मत डाले गए। मन्नादिपेट में सेवा मतदाताओं की संख्या 19 थी (19 पुरुष और 0 महिला)। 2016 में, मन्नादिपेट निर्वाचन क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 27,586 थी। इनमें से 12,837 पुरुष मतदाता, 14,442 महिला मतदाता थे और तीसरे लिंग का कोई भी मतदाता नहीं था। निर्वाचन क्षेत्र में 306 वैध डाक वोट थे। 2016 में मन्नादिपेट में सेवा मतदाताओं की संख्या 12 थी (8 पुरुष और 4 महिलाएं)।
कौन-कौन सी पार्टियां मैदान में
भारतीय जनता पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी), बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी), विदुथलाई चिरुथिगल काच, पुडुचेरी डेवलपमेंट पार्टी, पुरैची भारतम, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके), नाम तमिलर काची (एनटीके), ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एडीएमके), सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) और आम आदमी पार्टी (एएपी) प्रमुख पार्टियां हैं।
2021 विधानसभा चुनाव में बीजेपी की हुई थी जीत
गौरतलब है कि, मन्नादिपेट विधानसभा पुडुचेरी लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार ए नमस्सिवयम ने डीएमके उम्मीदवार ए कृष्णन को 2,750 वोटों (9.67%) के अंतर से हराकर मन्नादिपेट का किला फतेह किया था।
2026 में किन प्रत्याशियों ने ठोंकी ताल
मन्नादिपेट में BJP की तरफ से अरुमुगम नमस्सिवयम सबसे मजबूत उम्मीदवार हैं। ये वर्तमान में पुड्डुचेरी के मौजूदा गृह मंत्री हैं। वहीं, कांग्रेस की ओर से टी.पी.आर. सेल्वमे उम्मीदवार हैं। 2011 और 2016 में AINRC के टिकट पर इसी सीट से जीत चुके हैं। इस बार ये पुराना वोट बैंक और खोई हुई साख को वापस लाने की कोशिश में जुटे हुए हैं। वहीं तमिलागा वेत्री कझगम (विजय की पार्टी) से के. भरथितासन मैदान में हैं। इनकी पार्टी ने सभी 30 सीटों पर अकेले लड़ने का फैसला किया है और इनको युवा व नए वोटरों को आकर्षित करने की दरकार है।
इस बार क्यों दिलचस्प है मन्नादिपेट की लड़ाई
बता दें कि, नामांकन प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है, प्रचार जोरों पर है। जहां एक ओर BJP को इनकंबेंट फायदा है तो वहीं टी. पी. आर. सेल्वमे की व्यक्तिगत लोकप्रियता काफी हावी है। बीजेपी केंद्र की योजनाओं और विकास कार्य के मुद्दों पर दोबारा वापसी करने उतरेगी जिसका उसे फायदा मिल सकता है। वहीं, कांग्रेस संभवत: केवल प्रत्याशी की व्यक्तिगत लोकप्रियता को आधार बनाकर जीत की उम्मीद लगाए बैठी है। लोगों का मानना है कि यही कुछ बिंदु मन्नादिपेट की लड़ाई को दिलचस्प बना सकते हैं।
ये भी पढ़ें -